प्रेमी की प्रोपर्टी पर थी गर्लफ्रेंड की नजर, तांत्रिक के साथ मिलकर रची खौफनाक साजिश, खाने में मिला दिया जहर

चूरू डीजे कोर्ट ने हत्या के तीन साल पुराने मामले में एक महिला और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. महिला ने अपने तांत्रिक साथी के साथ मिलकर अपने प्रेमी की हत्या की साजिश रची थी. उसका प्रेमी तो बच गया था लेकिन उसका कर्मचारी इस घटना में मारा गया था.

चूरू. चूरू के सदर थाना इलाके में साल 2022 में जहर देकर हत्या करने के मामले में सोमवार को जिला एवं सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. डीजे कोर्ट ने आरोपी सुमन और पंडित औंकारलाल को हत्या का दोषी करार देते हुए उनको उम्रकैद की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है. सुमन और औंकारलाल ने मिलकर साजिशपूर्वक बाबूलाल गुर्जर को जहरीला खाना खिलाकर मार दिया था. इस खाने को खाने से सुमन का लिव इन पार्टनर और पांच अन्य लोग बीमार हो गए थे. सुमन अपने लिव इन पार्टनर की मार कर उसकी प्रोपर्टी हड़पना चाहती थी. इसके लिए ही उसने औंकारलाल के साथ मिलकर यह साजिश रची थी.

लोक अभियोजक रोशन सिंह राठौड़ ने बताया कि तारानगर के किलीपुरा निवासी सुमन और चित्तौड़गढ़ के नवानिया निवासी तांत्रिक औंकारलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. उन्होंने बताया कि शादीशुदा महिला सुमन शहर के पूनिया कॉलोनी निवासी मनोज बेनीवाल के साथ बिसाऊ रोड स्थित नोहरे में लिव-इन रिलेशन में रहती थी. मनोज बेनीवाल शादी, पार्टियों में ऊंटगाड़ी, घोड़ी, डीजे आदि किराए पर देने का काम करता था.

सुमन और औंकारलाल की बढ़ गई थी नजदीकियां
मनोज के नोहरे में चित्तौड़गढ़ निवासी तांत्रिक औंकारलाल का आना-जाना लगा रहता था. औंकारलाल से मनोज उधार दिए रुपए मांगता था. आरोपी महिला सुमन मनोज की प्रॉपर्टी हड़प कर उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी. इस दौरान पंडित औंकारलाल और महिला सुमन की नजदीकियां बढ़ गई. दोनों ने मिलकर मनोज को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. 10 नवंबर 2022 की रात को पंडित औंकारलाल ने सुमन को जहरीली गोलियां और पाउडर लाकर दिया जो उसने रात के खाने में मिला दिया.

मनोज और कर्मचारी बाबूलाल सहित 6 लोगों ने खाया था जहरीला खाना
इस खाने को उसके प्रेमी मनोज और कर्मचारी बाबूलाल सहित 6 लोगों ने खाया था. जहरीला खाना खाने से बाबूलाल की मौत हो गई थी और मनोज गंभीर बीमार हो गया था. वह काफी दिनों तक जयपुर के अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहा. इस संबंध में मनोज की पत्नी चांदरतन ने सदर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी जांच की. बाद में आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया. गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य आदि के आधार पर डीजे कोर्ट ने सुमन और औंकारलाल को हत्या का दोषी मानते हुए उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

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